
भारत की स्टार महिला शतरंज खिलाड़ी और ग्रैंडमास्टर कोनेरू हम्पी ने एक चौंकाने वाला फैसला लेते हुए FIDE वुमेंस कैंडिडेट्स टूर्नामेंट से अपना नाम वापस ले लिया है। यह टूर्नामेंट 28 मार्च से साइप्रस में शुरू होने वाला था और वर्ल्ड चैंपियनशिप तक पहुंचने का यह एकमात्र रास्ता माना जाता है।
सुरक्षा कारणों से लिया बड़ा निर्णय
हम्पी ने इस फैसले के पीछे मुख्य वजह मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और सुरक्षा चिंताओं को बताया है।
उन्होंने कहा कि:
- यह कोई जल्दबाजी में लिया गया फैसला नहीं था
- कई दिनों तक सोचने के बाद यह निर्णय लिया गया
- वर्तमान हालात में वह मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार नहीं थीं
मानसिक दबाव भी रहा बड़ा कारण
हम्पी ने स्वीकार किया कि यह फैसला उनके लिए काफी मुश्किल था।
उन्होंने कहा:
“एक खिलाड़ी के तौर पर आप सालों तक ऐसे मौके के लिए तैयारी करते हैं, लेकिन कभी-कभी हालात खेल से बड़े हो जाते हैं।”
FIDE के फैसले पर उठाए सवाल
हम्पी ने टूर्नामेंट के स्थान (Cyprus) को लेकर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि:
- जब हालात बदल रहे हैं, तो आयोजकों को भी फैसला बदलना चाहिए
- खिलाड़ियों की सुरक्षा और उनकी राय को प्राथमिकता मिलनी चाहिए
उन्होंने तुलना करते हुए कहा:
“अगर यह जगह सही है, तो फिर कश्मीर में भी टूर्नामेंट क्यों नहीं कराए जाते?”
जुर्माने का भी खतरा
FIDE के नियमों के अनुसार:
- बिना उचित कारण टूर्नामेंट छोड़ने पर €10,000 (लगभग ₹10 लाख) तक का जुर्माना लग सकता है
लेकिन हम्पी ने साफ कहा कि:
“मेरे लिए सुरक्षा और सही फैसला ज्यादा जरूरी है, जुर्माना बाद की बात है।”
🇮🇳 भारत के लिए बड़ा झटका
हम्पी के बाहर होने से:
- भारत की वर्ल्ड चैंपियन बनने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है
- हालांकि, वैशाली और दिव्या देशमुख अभी भी टूर्नामेंट में शामिल हैं
करियर पर असर
यह फैसला हम्पी के करियर के लिए भी बड़ा माना जा रहा है, क्योंकि:
- यह टूर्नामेंट वर्ल्ड चैंपियन बनने का मौका देता है
- अब उन्हें इस मौके के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है
Today Viral News
Proudly powered by WordPress









