शिव शक्ति मंदिर से निकली भव्य कलश यात्रा, तीन दिवसीय श्री हनुमान कथा का शुभारंभ
नई दिल्ली - अनुज प्रथम एजेंडा
**अशोक विहार।** कृष्णा एन्क्लेव स्थित शिव शक्ति मंदिर के वार्षिक उत्सव के अवसर पर रविवार को भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया। श्रद्धा, भक्ति और उत्साह से ओतप्रोत इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने भाग लिया। पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला और भगवान के जयकारों से माहौल गूंज उठा। कलश यात्रा शिव शक्ति मंदिर परिसर से विधिवत पूजा-अर्चना के साथ प्रारंभ हुई। सिर पर कलश धारण किए महिलाओं की लंबी कतारें आकर्षण का केंद्र रहीं। यात्रा कृष्णा एन्क्लेव की विभिन्न गलियों और मार्गों से होकर निकली, जहां स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया। जगह-जगह पुष्प वर्षा और जलपान की व्यवस्था भी की गई। इस अवसर पर क्षेत्र की विधायक **पूनम शर्मा** एवं एमसीडी पार्षद **चित्रा विद्यार्थी** विशेष रूप से उपस्थित रहीं। दोनों जनप्रतिनिधियों ने श्रद्धालुओं के साथ कलश यात्रा में सहभागिता करते हुए क्षेत्रवासियों को वार्षिक उत्सव की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आपसी भाईचारे, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक एकता को मजबूत करने का कार्य करते हैं। यात्रा के दौरान भजन-कीर्तन मंडलियों द्वारा प्रस्तुत किए गए मधुर भजनों ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। भगवान श्रीराम और बजरंगबली के जयकारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान रहा। महिलाओं और युवाओं ने भी पूरे उत्साह के साथ यात्रा में भाग लेकर आयोजन को सफल बनाया।
मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि कलश यात्रा के साथ ही मंदिर परिसर में **तीन दिवसीय श्री हनुमान कथा** का शुभारंभ किया गया है। कथा के दौरान श्रद्धालुओं को भगवान हनुमान के आदर्श चरित्र, प्रभु श्रीराम के प्रति उनकी अटूट भक्ति, सेवा भावना, त्याग और समर्पण से जुड़े प्रेरणादायक प्रसंगों का श्रवण कराया जाएगा। समिति के अनुसार कथा के साथ-साथ प्रतिदिन भजन संध्या, आरती एवं प्रसाद वितरण का भी आयोजन किया जाएगा। कथा में प्रसिद्ध कथा वाचक द्वारा भक्तों को धर्म, संस्कार और मानव सेवा का संदेश दिया जाएगा क्षेत्रवासियों में इस धार्मिक आयोजन को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगामी दिनों में कथा एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने की संभावना है। मंदिर समिति ने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ लेने की अपील की है। शिव शक्ति मंदिर का यह वार्षिक उत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज में एकता, सद्भाव और सांस्कृतिक परंपराओं को सशक्त बनाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बनता जा रहा है।
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